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History :- CCB Ajmer

सहकारिता का इतिहास

जिस समय हमारा देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा था, उस समय इंग्लैण्ड्, जर्मनी व इटली आदि यूरोपीय देशों में सहकारी आन्दोलन प्रगति की ओर अग्रसर था। इस तरफ अन्य देशों का भी ध्यान आकृष्ट होना स्वाभाविक था। भारत सरकार के तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड कर्जन से सर एडवर्ड ला की अध्यक्षता में सन् 1901 में एक समिति की नियुक्ति की जिसने सहकारी विधेयक एवं आदर्ष नियमों का प्रारूप् तैयार किया जो ‘‘सहकारी साख समितिया अधिनियम 1904’’ के नाम से पारित किया गया जो 25 मार्च 1904 से देषी रियासतों को छोड़कर सम्पूर्ण देष में लागू कियागया। इस अधिनियम की कमयों को दूर करने के लिए भारत सरकार ने सन् 1912 में एक नया सहकारी अधिनियम ‘‘सहकारी समितियां अधिनियम 1912’’ पारित किया। इस अधिनियम में ‘‘साख’’ शब्द का प्रयोग नहीं किया गया व सभी प्रकार कि सहकारी समितियों के पंजीयन का प्रावधान रखा गया। मल्टी यूनिट को आॅपरेटिव सोसाईटी एक्ट 1942 व इसके प्रावधानों को संषोधित एवं विधि को समेकित करने हेतु ‘‘मल्टी स्टेट को आपरेटिव सोसाईटीज एक्ट 1984’’ पारित किया जिससे राष्ट्रीय अथवा बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के विकास को व्यापक एवं सुदृढ़ आधार प्राप्त हो सके।

राजस्थान में अलग-अलग रियासतों में सहकारी समितियां अधिनियम 1912 के आधार पर सहकारी अधिनियम लागू किये गये। संयुक्त रास्थान राज्य के निर्माण व रियासतों के एककीकरण के उपरान्त समग्र राज्य में ‘‘ राजस्थान सहकारी समितियां अधिनियम 1953’’ पारित किया गया। दीर्धकालीन ऋणों की व्यवस्था के लिए ‘‘राजस्थान सहकारी भूमि बंधक बैंक अधिनियम 1956’’ पारित किया गया। सहकारी आन्दोलन के दु्रत विकास के लिए विभिन्न राज्यों के सहकारी कानूनों में एकरूपता लाने के क्रम में राजस्थान में ‘‘राजस्थान सहकारी संस्था अधिनियम 1965’’ पारित किया गया। जो 2 अक्टूबर 1965 से प्रभाव में आया। इस अधिनियम में कुल 153 धाराएं थी व संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन प्रबंध सहकारी संस्थाओं के विशेषाधिकार, सहकारी संस्थाओं की सम्पतियां और विधियां, अंकेक्षण, जांच, निरीक्षण और अधिभार, विवादों का निपटारा, सहकारी संस्थाओं का संस्थापन और विघटन भूमि विकास बैंक, मध्यस्थ निर्णय, अपील पुनरीक्षण तथा पुनर्विलोकन, अपराध और शक्तियां आदि के बारे में स्पष्ट प्रावधान किये गये। इस अधिनियम को लागू करने कि प्रक्रिया हेतु ‘‘राजस्थान सहकारी संस्था नियम 1966’’ पारित किया गया जिसकी अधिसूचना 26 दिसम्बर 1966 को की गई।
 

अजमेर केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड अजमेर (राज।) वर्ष 2010 में स्थापित किया गया और 2010, 09 फरवरी से कामकाज शुरू कर दिया गया था।

बैंक के माध्यम से यह अपने ग्राहकों और सुरक्षित करने के लिए आकर्षक जमा योजनाओं और आरटीजीएस, एनईएफटी, अन्य कोर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए एसएमएस अलर्ट, रुपे डेबिट कार्ड (एटीएम कार्ड) सरकारी एजेंसियों से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, अर्द्ध शहरी और ग्रामीण आबादी को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है जमा लॉकर, नकदी क्रेडिट, बीमा की सुविधा जो हाल में हाल ही में भारत सरकार द्वारा शुरू की है पीएमजेडीवाई, PMSBY आदि

बैंक अपने खपत उद्देश्य के अजमेर जिले में व्यापार में सुधार करने के लिए कर्मचारी के लिए घर ऋण, व्यक्तिगत ऋण, वाहन ऋण योजना शुरू की है
 
राजस्थान में सहकारी संस्थाऐं तीन स्तर पर क्रियाषील हैः-
  • राज्य स्तर पर शीर्ष संस्थाऐं
  • जिला स्तर पर जिला स्तरीय बैंक व संस्थाऐं
  • ग्राम स्तर पर ग्राम सेवा सहकारी समितियां
  • सहकारी संस्थाऐं राज्य में लगभग प्रत्येक क्षेत्र में अपना योगदान दे रही है।

राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना एवं सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना माह मार्च 2018 तक की प्रगति